शहर गाइड
हज़ारीबाग़ में पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों की रूम, लॉज और PG गाइड
प्रकाशित: 2026-09-18 · अपडेटेड: 2026-11-03 · Roomcy Team
हज़ारीबाग़ झारखंड का बड़ा पढ़ाई का केंद्र है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय (1992 में बना) का दायरा हज़ारीबाग़, चतरा, गिरिडीह, कोडरमा और रामगढ़ — पाँच ज़िलों तक है, और 1899 से चल रहा संत कोलंबा कॉलेज इसी शहर में है। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए आसपास के ज़िलों और गाँवों से बड़ी संख्या में छात्र यहाँ आते हैं। इसलिए यहाँ छात्रों का कमरा ढूँढना अपने आप में एक अलग दुनिया है — “लॉज” इसका सबसे आम रूप है।
छात्र ज़्यादातर कहाँ रहते हैं
- मटवारी: कोचिंग, लाइब्रेरी और लॉज सबसे ज़्यादा यहीं हैं — Roomcy को अक्टूबर 2026 में सबसे ज़्यादा कमरे की मांग इसी इलाके की आई। लड़कियों के हॉस्टल भी यहाँ हैं, कुछ में लाइब्रेरी साथ में।
- कोर्रा चौक और जबरा रोड: कोचिंग का दूसरा बड़ा इलाका; लॉज बहुत हैं।
- बाबूगांव और लोचन पथ: मटवारी और बाबूगांव के बीच की गलियों में भी छात्रों के लॉज हैं।
- कॉलेजों के पास: संत कोलंबा कॉलेज, अन्नदा कॉलेज, के.बी. महिला कॉलेज और मार्खम कॉलेज के आसपास कमरे की मांग लगातार रहती है।
अपने कॉलेज या कोचिंग तक का असली रास्ता और पैदल/ई-रिक्शा का समय देखकर इलाका चुनिए — थोड़ा सस्ता कमरा जो रोज़ एक घंटा ज़्यादा सफ़र करवाए, अंत में सस्ता नहीं पड़ता।
लॉज, PG या अलग कमरा — किराया कितना
- लॉज: लगभग ₹1,000 – ₹2,200 महीना — छोटा कमरा, साझा बाथरूम-रसोई, खाना खुद बनाना या टिफ़िन (छात्रों के बताए दाम, स्रोत नीचे)।
- सिंगल रूम: Roomcy के रिकॉर्ड में ₹1,500 – ₹3,000।
- PG / हॉस्टल: बेड के हिसाब से, खाना शामिल हो तो महँगा — खाना और एक कमरे में कितने लोग, दोनों पूछें।
- 1 RK या 1 BHK (2–3 दोस्त मिलकर): ₹3,500 – ₹5,000; बाँटने पर प्रति व्यक्ति लॉज के आसपास पड़ता है और अपनी रसोई मिलती है।
पूरे शहर के ताज़ा दाम: हज़ारीबाग़ में कमरे का किराया 2026 और आज के कमरे।
लॉज के नियम जो पहले से जान लें
- गेट का समय: कई लॉज सुबह 4 बजे खुल जाते हैं (डिफ़ेंस/पुलिस की तैयारी वाले दौड़ने जाते हैं) और रात 9–10 बजे बंद होते हैं। लाइब्रेरी से देर से लौटना हो तो पहले पूछ लें।
- इन्वर्टर और वाई-फ़ाई: अच्छे लॉज इन्हें ख़ास तौर पर बताते हैं — बिजली जाने पर पढ़ाई न रुके, इसलिए इन्वर्टर ज़रूर पूछें।
- बिजली का बिल: हमारे रिकॉर्ड के ज़्यादातर कमरों में अलग मीटर है; लॉज में अक्सर तय रकम। साफ़ पूछें।
- किराया लेट होने पर: हज़ारीबाग़ में किराया लेट होने और कमरा खाली करने पर झगड़े की ख़बरें आती हैं। नियम पहले दिन लिखित में लें, हर भुगतान का सबूत रखें।
महीने का पूरा खर्च
लॉज में रहने वाले छात्रों के मुताबिक़ कमरा, राशन, सब्ज़ी, गैस और कॉपी-पेन मिलाकर लगभग ₹2,500 – ₹4,000 महीना लगता है, अगर राशन का कुछ हिस्सा घर से आए। Roomcy को आई मांगों में किरायेदारों का बीच का बजट ₹3,500 था।
कमरा फ़ाइनल करने से पहले छात्र ये ज़रूर देखें
- धूप और हवा: छात्र सबसे ज़्यादा शिकायत ऐसे कमरों की करते हैं जिनमें धूप नहीं आती — दिन में जाकर देखिए।
- मच्छर और पानी: खिड़की पर जाली है या नहीं, पानी कितने घंटे आता है।
- पढ़ने की जगह: टेबल-कुर्सी, रोशनी, और आसपास शोर।
- लड़कियों के लिए: गेट पर रात की व्यवस्था, बाथरूम अलग या साझा, और मालिक या वार्डन का व्यवहार — किसी पुरानी छात्रा से बात कर लें।
- सरकारी छात्रावास: कुछ श्रेणियों के छात्रों के लिए सरकारी छात्रावास में कम खर्च में सीटें होती हैं; सीटें सीमित हैं — अपने कॉलेज या ज़िला कल्याण कार्यालय से पता करें।
कमरा ढूँढने में गली-गली घूमना न पड़े, तो Roomcy पर अपनी ज़रूरत बताइए — एजेंट खाली कमरे पक्का करके भेजता है; पहला कमरा मुफ़्त। पूरी चेकलिस्ट: कमरा लेने से पहले 15 ज़रूरी बातें।
स्रोत